ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या होता है और ग्राफिक डिजाइनिंग में करियर कैसे बनायें।

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आजकल सभी लोग Digital होते जा रहे हैं, ऐसे में लोगों के लिए करियर के बहुत से Option खुलते जा रहे हैं। पहले के समय में लोग डॉक्टर, इंजिनियर, सरकारी नौकरी आदि तरह के पेशे को चुनते थे, लेकिन आज का समय में लोग YouTube, Blogging, Coding, Web Designing, Graphic Designing, Digital Marketing इत्यादि को करियर Option के रूप में चुनते हैं।
ये ऐसे ऑनलाइन Platform हैं जिनके द्वारा आप सरकारी नौकरी से भी अधिक पैसे कमा सकते हैं। बहुत से लोग आज इन्हीं के दम पर बहुत फेमस हैं और लाखों- करोड़ों रुपए महीने के कमाते हैं। Blogging, YouTube, Coding के ऊपर हमारे Blog में बहुत सारे लेख हैं जिन्हें आप पढ़ सकते हैं और सीख सकते हैं। हम अपने आस -पास इमेज, लोगो, बैनर, सिंबल आदि चीजें देखते हैं। यह सभी ग्राफ़िक डिजाइनिंग के अंतर्गत ही आता है।

ग्राफ़िक डिजाइनिंग एक प्रकार का Art होता है जिसमें Text और Graphic की सहायता से संदेशों को आकर्षक बनाया जाता है। यह संदेश ग्राफ़िक, इमेज, लोगो, न्यूज़ लेटर, पोस्टर आदि किसी भी रूप में हो सकते हैं, जिसे एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनाता है।
ग्राफ़िक डिजाइनिंग को Visual Communication भी कहा जाता है, क्योकि इसकी सहायता से ऐसे मैसेज बनाया जाता है, जिन्हें लोग आसानी से समझ सकते हैं। इसका उपयोग Marketing, Sales, Business Promotion आदि के लिए किया जाता है।

ग्राफ़िक डिज़ाइनर (Graphic Designer):

Graphic को कंप्यूटर की सहायता से Design करने वाले प्रोफेशनल व्यक्ति को “Graphic Designer” कहा जाता है। वह Professional तरीके से Image, टाइपोग्राफी, मोशन और Gif इत्यादि से बेहतरीन Graphic Design करता है। Graphic Designer किसी भी इमेज को इस प्रकार बनता है कि उस इमेज में एक सही मेसेज लोगो के बीच सही ढंग से पहुँचाने का काम हो।

Graphic Designer का कार्य:

1. किसी ब्लॉग, वेबसाइट, Youtube चैनल, फेसबुक बैनर के लिए Graphic Design करना।
2. किसी कंपनी के लिए पोस्टर, विज्ञापन और पैकिंग डिज़ाइन इत्यादि तैयार करता है।
3. किसी भी प्रकार की मार्केटिंग करने में ग्राफ़िक का उपयोग करना।
4. Graphic Designer का मुख्य कार्य Art, Image और पोस्टर तैयार करना होता है।

ग्राफ़िक डिजाइनिंग के उपयोग (Uses of Graphic Designing):

ग्राफ़िक डिजाइनिंग का इस्तेमाल आज व्यापक रूप से किया जाता है। इसका इस्तेमाल निम्न प्रकार के कार्यों के लिए किया जाता है-
1. कंपनियों के लोगो बैनर बनाने में ग्राफ़िक डिजाइनिंग काम में आती है।
2. Visiting Card को बनाने के लिए ग्राफ़िक डिजाईन का इस्तेमाल किया जाता है।
3. अखबार, मैगजीन, किताबें आदि में ग्राफ़िक डिजाइनिंग का इस्तेमाल किया जाता है.
4. प्रोडक्ट पैकिंग में ग्राफ़िक डिजाइनिंग का उपयोग होता है.
अगर आप ग्राफ़िक डिजाइनिंग को Part -Time में करना चाहते हैं तो YouTube में आपको बहुत सारे ग्राफ़िक डिजाइनिंग के Tutorial मिल जायेंगे, जिनसे आप ग्राफ़िक डिजाइनिंग सीख सकते हैं।

ग्राफ़िक डिजाइनिंग कोर्स:

ग्राफ़िक डिजाइनिंग के बहुत से कोर्स होते हैं, जिन्हें आप 12 वीं पास करने के बाद कर सकते हैं। ग्राफ़िक डिजाईन के कुछ कोर्स नीचे दिए किये हैं।
1. बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA)
2. मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (MFA)
3. बीएससी मल्टीमीडिया (B.Sc. Multimedia)
4. डिप्लोमा इन ग्राफ़िक
5. PG डिप्लोमा इन ग्राफ़िक

ग्राफ़िक डिजाइनिंग के लिए आवश्यक टूल:

ग्राफ़िक डिजाइनिंग में मुख्य रूप से उपयोग किये जाने वाले टूल निम्न प्रकार से हैं –
1. CorelDraw
2. Adobe
3. Quark
4. Notebook
5. एक Laptop और Desktop जिसमें अच्छा Graphic Card लगा हो।

ग्राफ़िक डिजाईन में करियर:

कुछ मुख्य Industry निम्न प्रकार हैं, जहाँ ग्राफ़िक डिज़ाइनर के बिना काम संभव नहीं हैं-
1. Website Development Industry
2. Gaming Industry
3. Newspaper Industry
4. Packing Industry
5. Advertising Industry
6. Animation Industry

ग्राफ़िक डिज़ाइनर सैलरी:

आरम्भ में एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर की सैलरी 20 से 30 हजार के बीच में रहती है। किसी भी कंपनी में यह सैलरी एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर को आसानी से मिल जाती है। जैसे -जैसे अनुभव बढ़ता जाता है वैसे -वैसे सैलरी भी बढती जाती है, एक अच्छे अनुभवी ग्राफ़िक डिज़ाइनर की सैलरी लाखों में भी होती है।

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