हांगकांग के खिलाफ मैच में सूर्यकुमार युवराज की तरह 6 छक्के लगाना चाहते थे, विराट को बताई दिल की बात

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surya kumar with virat

Sports: क्या सूर्यकुमार यादव हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ आखिरी के ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले थे? ये सवाल विराट कोहली ने सूर्या से पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरी पूरी कोशिश थी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।

हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ सूर्यकुमार यादव की आतिशी पारी ने सभी का दिल जीत लिया. मैच के बाद से ही वह सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. फैंस, दिग्गज कमेंटेटर हर कोई उनकी तारीफ के पुल बांधते दिखाई दिए. वह आखिर के ओवर्स में बल्लेबाजी करने उतरे और एक के बाद एक बड़े शॉर्ट्स खेले. सुर्य 17.2 ओवर में मैदान पर उतरें. अपनी इस पारी में सुर्य ने 26 गेंदे खेली और 68 रन बनाए. जिस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 261.54 का था.

सूर्य कुमार युवराज सिंह की करना चाहते थे बराबरी

surya with yuvraj

सूर्य ने अपने पारी में छह चौके और छह छक्के लगाए. पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने चार छक्के जड़े. पहली तीन गेंद पर लगातार तीन छक्के लगाने के बाद चौथी गेंद डॉट रही. पांचवीं गेंद पर उन्होंने फिर छक्का जड़ा और फिर आखिरी ओवर में दो रन आए. मैच के बाद सूर्य ने कोहली से अपनी पारी के बारे में बात की. कोहली ने पूछा, ‘आप कोशिश कर रहे थे कि गेंद टारगेट पर आती तो छह छक्के लगाने वाले दूसरे भारतीय बन जाते.’ सूर्यकुमार ने जवाब दिया, ‘मैं कोशिश कर रहा था लेकिन हुआ नहीं. युवराज पा के आगे नहीं जाते हैं.’ इसके बाद पूर्व भारतीय कप्तान ने युवराज की उस पारी को याद करते हुए कहा, ‘जो युवराज ने किया वह शानदार था. खासतौर पर ब्रॉड के ओवर में छह छक्के लगाना शानदार था.’

बाउंड्री लगाने के लक्ष्य के साथ ही आए थे कोहली

कोहली ने आगे सूर्य से पूछा कि क्या उन्होंने इस पारी के लिए खास तैयारी की थी. सूर्य ने जवाब देते हुए कहा, ‘मुझे कोहली के साथ बल्लेबाजी करके अच्छा लगा. मैं मैदान पर जाकर अपना गेम खेलना चाहता था. मैं शुरुआती गेंदों पर कुछ बाउंड्री लगाना चाहता था और इसके बाद गेम चलता गया. मैंने आपसे भी कहा था कि मुझे आपकी जरूरत है कि आप वहां टिके रहे. आप बाद में कवर कर सकते हैं क्योंकि मैंने देखा है. मेरे लिए जरूरी है कि आप वहां रहे ताकि मैं खुलकर खेल सकें.’

कोहली ने भी कही दिल की बात

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इसके बाद सूर्य ने कोहली से उनकी पारी के बारे में पूछ. कोहली ने कहा, ‘मैं काफी लंबे समय बाद वापसी कर रहा था. छह हफ्ते तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहना आसान नहीं होता क्योंकि आप टच में नहीं रहते. मैं मानसिक रूप से रिफ्रेश था पिछले कड़े मुकाबले में भी बल्लेबाजी करके मजा आया. मेरा रोल यही है कि मैं पारी को संभालू, जिसके साथ भी खेल रहा हूं उसके साझेदारी करूं और जब मौका मिले बाउंड्री भी लगाऊं.

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