मनमोहक पहाड़ियों का हिल स्टेशन रानीखेत |

160

रानीखेत उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थल है। यह अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत स्थित एक फौजी छावनी है। देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरा हुआ यह पर्यटन स्थल बेहद खूबसूरत है । यहाँ से बर्फ से ढकी मध्य हिमालयी श्रेणियाँ साफ़ तौर पर आपको देखने को मिल जाएँगी | रानीखेत में आकार आपको एक नैसर्गिक शान्ति मिलती है जो दिल को सुकून से भर देती है |

1869 में ब्रिटिश सरकार द्वारा रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट के मुख्यालय की स्थापना की गयी और यहां कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर संग्रहालय भी बना हुआ है। इस संग्रहालय में हथियारों, फोटो आदि का शानदार तरीके से प्रदर्शन किया गया है जो अपने सेना के ऐतिहासिक भव्यता और महत्व का परिचय देता है। इस वीडियो में हम आपको रानीखेत के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी देंगे ।

आइये जानते हैं रानीखेत में घूमने लायक प्रमुख जगहों के बारे में –

1. गोल्फ कोर्स रानीखेत

गोल्फ कोर्स को ‘उपट कालिका’ के नाम से भी पुकारा जाता है बड़े बड़े पेड़ों से सुसज्जित यह गोल्फ मैदान रानीखेत नगर से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर है। और यह ग्राउंड सेनानियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है | जिसे रानीखेत जाने वाला हर इंसान देखना चाहता है | गोल्फ कोर्स गुलमर्ग के बाद एशिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्फ मैदान माना जाता है |

2. सनसेट पॉइंट्स रानीखेत

सनसेट प्वाइंट यानी सूर्यास्त स्थल रानीखेत में स्थित लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण हैं। यहां से आप सूर्यास्त और भव्य हिमालय की बर्फ से ढकी पर्वत मालाओं के आकर्षक दृश्यों के नजारे देख सकते हैं।

3. कुमाऊँ रेजिमेंट संग्रहालय रानीखेत-

इस म्यूजियम में प्रथम विश्व युद्ध के कारनामों के बारे में प्रदर्शनी के रूप में दर्शाया गया है यहां कई हथियार और सैनिकों के मेडल और पुरस्कार भी हैं जिन्हें आप देखकर आकर्षित होंगे और बच्चों को अपने देश के आर्मी के बारे में जानने का मौका मिलेगा।

4. झूला देवी मंदिर रानीखेत-

रानीखेत का यह पवित्र मंदिर माँ दुर्गा को समर्पित है क्योकि इस मंदिर में माँ दुर्गा को पालने पर बैठा देखा जाता है इसलिए इसे झूला देवी मंदिर कहते हैं | माना जाता है यह मंदिर 700 वर्ष पुराना है यह घंटियो के लिए प्रसिद्ध है |

5. भालू डैम रानीखेत-

भालू डैम भी रानीखेत में कृत्रिम रूप से बनाई गई एक झील है जोकि चौबटिया बाग के ठीक नीचे स्थित है
इस डैम की नीवं 1903 में ब्रिटिश शासन कल में रखी गयी थी | भालू डैम में सदाबहार के बन, शीतल मंद बयार के मधुर संगीत मैं यहां आने वाले पर्यटक पत्तों की सरसराहट चिड़ियों का चहचहाना, जंगली जानवरों की विभिन्न प्रकार की आवाजें सुन कर रोमांचित होते है |