Keyboard in Hindi | Computer keyboard की पूरी जानकारी हिंदी में | What is keyboard in Hindi

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What is keyboard in Hindi : आज के इस लेख में हम keyboard in Hindi के बारे में जानेंगे जहां आप keyboard क्या होता है keyboard कितने प्रकार के होते हैं तथा keyboard के कार्य इत्यादि के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे यदि आप भी keyboard से संबंधित तमाम जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस लेख को शुरू से अंत तक अवश्य पढ़ें|

जैसा कि आप सब जानते हैं keyboard computer और laptop में इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण part है यदि laptop या computer में keyboard ना हो तो उन्हें इस्तेमाल करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि keyboard के बिना computer या laptop incomplete होता है।

keyboard computer में इस्तेमाल किया जाने वाला एक ऐसा इनपुट डिवाइस है जिसके बिना हम computer के साथ संपर्क करने में असमर्थ रहते हैं, क्योंकि यह computer  के साथ contact करने का सबसे basic तरीका होता है और इसी वजह से बाजार में भी keyboard की मांग काफी ज्यादा होती है।

इन्हीं demand को देखते हुए कई अलग-अलग electronic companies अलग-अलग वैरायटी के keyboard manufacturer करती है। जिसके features और looks एक दूसरे से काफी अलग होते हैं। तो आइए दोस्तों फिर बिना देर किए जानते हैं keyboard के बेहतरीन feature और keyboard क्या है (keyboard in Hindi) और उनके प्रकार के बारे में –

keyboard क्या है

keyboard बिल्कुल typewriter की ही तरह एक यंत्र है जिसके इस्तेमाल से हम computer या laptop को operate  कर सकते हैं लेकिन keyboard के button  typewriter की तुलना में ज्यादा बेहतरीन और comfortable होता है

जिसके वजह से लंबे समय तक keyboard पर आसानी से कार्य किया जा सकता है और कार्य करने के दौरान कोई समस्या भी नहीं आती है और इसमें अलग-अलग keys मौजूद होते हैं जिसे click करने पर computer पर लिखित चिन्ह दिखाई देता है।

इसको इस्तेमाल करना इतना आसान है कि यदि आप एक button पर लंबे समय तक click किए रहते हैं तो वह बार-बार एक ही अक्षर दोहराता रहेगा। keyboard पर आपको दिए गए button में संख्या अक्षर या चिन्ह बने होते हैं जिस पर click  करने से computer को signal मिलता है और keyboard perform करता है keyboard  में typewriter की तुलना अधिक keys  मौजूद होते हैं वर्तमान समय में जो keyboard  का इस्तेमाल किया जा रहा है उसमें लगभग 80 से 140 keys मौजूद होते हैं

keyboard कैसे कार्य करता है

कीबोर्ड के कार्य करने का process बहुत ही आसान है। keyboard पर मौजूद अलग-अलग button  के जरिए CPU में electronic signal भेजे जाते हैं। आसान भाषा में कहें तो keyboard  पर मौजूद अलग-अलग keys को दबाने पर उस पर लिखे गए अक्षर computer के memory में जाते हैं और computer के screen में दिखाई देते हैं।

keyboard के सभी keys के नीचे एक electronic switch लगे होते हैं, जिसके जरिए keyboard पर मौजूद सभी keys या button पर click करते ही एक code electronic क्रिया के through computer में जाता है

जिस code को केवल computer  ही समझ सकता है। keyboard पर मौजूद सभी keys अलग-अलग होते हैं और सब के functions भी एक दूसरे से काफी अलग होते हैं या यूं कहें तो keyboard  की संरचना typewriter की तुलना काफी अलग होते हैं आइए हम इसे और details में समझने का प्रयास करते हैं।

keyboard की संरचना

कीबोर्ड पर मौजूद सभी की स्कोर 6 अलग-अलग groups में distribute किया गया है,  जो कुछ इस तरह है।

Number keys

Number keys  का इस्तेमाल computer  में संख्याओं को लिखने के लिए किया जाता है keyboard पर 0 से 9 तक की संख्या लिखी होती है जिसे नंबर की इस कहा जाता है।

Function keys

keyboard के सबसे ऊपरी part में function keys बने होते हैं जो लगभग 12 keys होते हैं जिसका इस्तेमाल computer में मौजूद अलग-अलग सॉफ्टवेयर में अलग-अलग किया जाता है।

यह keys 1 से लेकर 12 तक कुछ इस तरह से अंकित किए गए होते हैं जैसे –  F1, F2, F3, F4, F5, F6, F7, F8, F9, F10, F11, F12

Alphabet keys

Alphabet keys का इस्तेमाल computer में किसी भी Alphabet को टाइप करने के लिए किया जाता है। इन Alphabets को small और capital letter दोनों ही में आसानी से टाइप किया जा सकता है।

small तथा capital letters में alphabet को टाइप करने के लिए caps lock key का इस्तेमाल किया जाता है जो कि keyboard के बाईं ओर यानी कि left side में बने होते है।

अल्फाबेट keys में अंग्रेजी के A से लेकर Z तक के सभी latter’s मौजूद होते हैं। आपको बता दें कि keyboard  में alphabet  keys उसी तरह मौजूद होते हैं जिस तरह एक typewriter में keys मौजूद होते हैं alphabet keys keyboard में एक अलग ही क्रम में उपस्थित होते हैं जो कुछ इस तरह होते हैं जैसा कि नीचे बताया गया है –

Q, W, E, R, T, U, I, O, P

A, S, D, F, G, H, J, K, L

Z, X, C, V, B, N, M

Control keys

Control keys का इस्तेमाल नियंत्रण करने  के लिए किया जाता है  इन keys को अकेला click करने पर किसी भी प्रकार का बदलाव देखने को नहीं मिलता है लेकिन यदि इन keys को किसी दूसरे की इसके साथ click किया जाए तो उनके input में बदलाव देखने को मिलता है।

इन keys को modifier keys के नाम से भी जाना जाता है keyboard  में मौजूद control  की कुछ इस तरह से होते हैं जैसे कि – Shift key, Ctrl, Alt, Enter key, Numlock, Caps lock,  pause

Shift key

Keyboard shift keys का इस्तेमाल alphabet keys को capital letter मे करने के लिए किया जाता है इसके अलावा keyboard में जिन keys पर दो तरह के चिन्ह बने होते हैं ऊपर और नीचे उनमें से ऊपर वाले चिन्ह को लिखने के लिए किया जाता है।

keyboard में shift key दो जगह मौजूद होते हैं सबसे पहला keyboard के बीच में यानी कि ठीक enter key के नीचे और दूसरा keyboard के बाई और Caps lock key के ठीक नीचे मौजूद होता है।

Ctrl Key

Keyboard में Ctrl key का इस्तेमाल कुछ खास नहीं होता है लेकिन इस key को जब भी किसी दूसरे key के साथ इस्तेमाल किया जाता है खासकर alphabet keys के साथ तो यह एक खास तरह का कार्य करता है।

Alt Key

Keyboard में Alt key का इस्तेमाल भी Ctrl key के तरह अपना खुद का कोई काम नहीं होता है। लेकिन जब इसे दूसरे किसी function keys के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो यह एक खास तरह का कार्य करता है।

Enter key

Enter key का इस्तेमाल computer मे निर्देश देने के लिए किया जाता है यानी तब जाकर computer  कोई कार्य करता है।

Num lock Key

Keyboard में Numlock का इस्तेमाल numeric keys को function  में लाने के लिए किया जाता है

Caps lock Key

Caps lock key की मदद से आप Alphabet keys को capital letter में screen पर type कर सकते हैं यानी कि Caps lock key का इस्तेमाल करने के बाद आपको shift key का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

Pause Key

Pause key का इस्तेमाल computer में processing के दौरान थोड़ी देर के लिए यानी कि अस्थाई रूप से रोकने के लिए किया जाता है।

Cursor keys

cursor key का इस्तेमाल cursor का location बदलने के लिए किया जाता है जिसे चार अलग-अलग direction में बांटा गया है। जिसकी मदद से आप screen के किसी भी direction में आसानी से जा सकते हैं keyboard mein मौजूद cursor keys कुछ इस तरह है।

Up Arrow key

Up Arrow key का इस्तेमाल cursor को ऊपर की तरफ ले जाने के लिए किया जाता है

Down Arrow key

Down Arrow key का इस्तेमाल cursor को नीचे की ओर ले जाने के लिए किया जाता है।

Right Arrow key

Right Arrow key का इस्तेमाल cursor को एक  अक्षर दाएं तरफ ले जाने के लिए किया जाता है।

Left Arrow key

Left Arrow key का इस्तेमाल cursor को एक अक्षर बाईं ओर ले जाने के लिए किया जाता है।

Keyboard के प्रकार

वर्तमान समय में keyboard के कई अलग-अलग प्रकार बाजार में उपलब्ध है  इस्तेमाल लेकिन हम आज यहां कुछ popular keyboard के प्रकारों के बारे में बताने वाले हैं जो कुछ इस तरह है।

Dvorak keyboard

Dvorak keyboard को साल 1936 में William delay और August Dvorak ने मिलकर बनाया था। इस keyboard  को बनाने के पीछे मुख्य कारण यह था कि keyboard ke a Centre line में उन अल्फाबेट का इस्तेमाल किया जाना था जिसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है इसके अलावा बीच में अल्फाबेट के संयोजन का इस्तेमाल करना था जिससे कि टाइपिंग करने में काफी आसानी और जल्दी हो सके।

यदि आपको इस बात की जानकारी नहीं है तो आपको बता दें कि दुनिया का सबसे fast typist Barbara Blackburn ने अपना सबसे fast typist होने का record Dvorak keyboard keyboard में ही बनाया था।

Qwerty keyboard

Qwerty keyboard को साल 1873 में kristofer letham shoals ने डिजाइन किया था इस keyboard को डिजाइन करने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह था कि टाइपिंग स्पीड को जितना हो सके उतना कम किया जा सके ताकि लिखने में गलतियां कम हो और जल्दी टाइप हो सके हालांकि आज दुनिया भर में क्वर्टी keyboard  को सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है

लेकिन यह सबसे स्पीड टाइप करने वाला keyboard  नहीं है इस keyboard  का layout  बहुत ही normal  है और यह पुराने समय में इस्तेमाल किए जाने वाले typewriter  के समान है Qwerty keyboard के keys Q, W, E, R, T, Y format में  होता है इसलिए जब शुरू शुरू में computer  आया तो keyboard  के layout  को typewriter  के समान ही बनाया गया ताकि इस्तेमाल करने में आसानी हो सके।

Wireless keyboard

Wireless keyboard normal keyboard की तुलना थोड़ा अलग होता है इस keyboard को मोबाइल के जरिए computer में कनेक्ट नहीं किया जाता जी हां इस keyboard को Bluetooth radio frequency या IR Technology के through computer में connect किया जाता है इस keyboard का इस्तेमाल computer से थोड़ी दूर बैठकर भी बहुत ही आसानी से कर सकते हैं।

वायरलेस कीबोर्ड में ट्रांसमीटर keyboard se stroke ko radio frequency के रूप में ट्रांसफर करता है जोकि मुख्य टेक्नोलॉजी के पास रखें ट्रांस रिसीवर के जरिए प्राप्त किए जाते हैं

आपको बता दें कि वायरलेस keyboard का वजन काफी हल्का होता है और इसे आसानी से कहीं भी कैरी किया जा सकता है हालांकि इनके features दूसरे वाले normal  keyboard के ही तरह होते हैं लेकिन इन keyboard  स्कोर normal  keyboard  की तुलना में ज्यादा पसंद किया जाता है।

Gaming keyboard

gaming keyboard  के नाम से ही यह पता लग रहा है कि इस keyboard को किस लिए बनाया गया है जैसा कि हम सब जानते हैं आज के समय में तरह-तरह  के computer  गेम्स मार्केट में उपलब्ध है और लगातार इसकी डिमांड भी बढ़ती जा रही है इसकी डिमांड को ध्यान में रखते हुए कंपनीज gaming  keyboard  को मार्केट में launch की है

वैसे तो आपको बता दें कि gaming keyboard भी दूसरे normal keyboard के तरह ही होते हैं लेकिन normal keyboard  के अलावा इस तरह के keyboard  में कुछ खास features  जैसे कि LED screen multimedia keys इत्यादि मौजूद होते हैं।

इसके अलावा हाथों को आराम से रखने के लिए अधिक पर भी उपलब्ध होती है इस तरह के gaming keyboard की बनावट इतनी लाजवाब होती है किसे देखते ही लोगों को खरीदने का मन करता है आपको बता दें कि इस तरह के keyboard के चीज काफी अच्छे और ड्यूरेबल रहते हैं तथा इस तरह के keyboard  काफी लंबे समय तक use किए जा सकते हैं।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में बस इतना ही उम्मीद करते हैं कि आज का यह लेख आपके लिए काफी helpful रहा होगा आज के इस लेख में हमने आपको keyboard in Hindi के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की है जैसे कि keyboard क्या है keyboard कैसे कार्य करता है

तथा keyboard के प्रकार क्या है जैसा कि आप सब जानते हैं keyboard के बिना computer का इस्तेमाल करना नामुमकिन हो जाता है इसलिए जो लोग computer का इस्तेमाल करते हैं उनके पास keyboard का होना जरूरी है और आज के समय में तो लगभग हर कोई keyboard का इस्तेमाल करता ही है लेकिन उसके बारे में जानकारी हर किसी के पास नहीं होती।