पति-पत्नी की जोड़ी ने 25 लाख रुपये जोड़कर बिज़नेस शुरू किया, अब करोड़ो की कमाई होने लगी

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Business Idea: किसी भी बिजनेस को शुरू करना और उसमें सफल हो कर पूरी दुनिया में पहचान बना लेना। ऐसा बहुत ही कम लोगों को नसीब होता है। किसी भी बिजनेस की शुरूआत में बहुत से उतार चढ़ाव आते है। किसी चीज के प्रोडक्‍शन के बाद उसे बाजार में पहचान दिलाना और उसके बाद हर घर में उस प्रोडक्‍ट को पहुँचाना।

व्‍यवसाय का बहुत ही कठिन सफर होता है। लेकिन अगर इस सफर में कोई साथी मिल जाये तो इसकी कठिनाई थोड़ी कम हो जाती है और अगर वह साथी अपका जीवन का साथी हो तो इससे अच्छी बात आपके लिए ओर कुछ भी नहीं हो सकती।

हमने देखा कि जॉनसन बेबी कंपनी के सभी बेबी प्रोडक्‍ट को बहुत ही जल्‍दी बाजार में पहचान मिली। आज की बात की जाये तो इसके बहुत से प्रोडकट का इस्‍तेमाल हर घर में किया जाता है। लेकिन आज हम जिस कंपनी की बात करने जा रहे है, उसकी लोकप्रियता भी कुछ कम नहीं है। जॉनसन के अलावा एक और कंपनी है जिसके प्रोडक्‍ट आपको हर घर में देखने को मिल जाएंगे। वह कंपनी है मामाअर्थ।

मामाअर्थ (MamaEarth) वह कंपनी जिसे एक पति पत्‍नी की जोड़ी ने साथ में शुरू किया और आज वह कंपनी इतनी फैमस हो चुकी है कि 25 लाख रूपये से शुरू इस कंपनी के जरिये वह पति पत्‍नी जोड़ा हर साल करीब 100 करोड़ रूपये का मुनाफा प्राप्‍त कर लेता है। आखिर किस तरह हुई इस कंपनी की शुरूआत आइये जानने का प्रयास करते है।

पति पत्‍नी ने मिलकर की थी कंपनी की शुरूआत

गुरूग्राम में रहने वाले जोड़े पति वरूण और पत्‍नी गजल अघल ने एक ऐसी कंपनी की शुरूआत की जो कि बच्‍चों के लिए बहुत ही विश्‍वसनीय और सुरक्षित है। न्‍यू बॉर्न बेबी के लिए हर पेरेंटस की चिंता जग जाहिर है। हर कोई अपने बच्‍चे के लिए किस प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल करें। इसके लिए काफी चिंतित रहता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि मॉं पिता के लिए बच्‍चे की सुरक्षा ही सर्वोपरि होती है।

इसी को देखते हुए इस जोड़े ने एक बेबी केयर ब्रांड (Baby Care Brand) को शुरू किया। जिसका नाम उन्‍होंने मामाअर्थ रखा। बच्‍चे की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही इस कंपनी की शुरूआत इस युगल ने 2016 में की। 2016 में शुरू की गई इस कंपनी ने आज पूरी दुनिया में अपनी एक अलग छवि बनाकर सबको आश्चर्य में डाल दिया था।

किस तरह की शुरूआत

वरूण अघल (Varun Alagh) प्रारंभ में 2014 में कोका कोला कंपनी में छोटी सी मार्केटिंग की जॉब किया करते थे। वह भी एक आम पेरेंट्स की ही तरह अपने बच्‍चे की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित रहा करते थे। प्रारंभ से ही उनके मन में एक बिजनेस शुरू करने की इच्‍छा थी। यह बात उन्‍होंने अपनी पत्‍नी (Ghazal Alagh) से भी शेयर की थी।

अपनी इच्‍छा को लेकर वह इतने गंभीर थे कि उन्‍होंने अपनी सारी पूँजी और 10 साल का एक्‍सपीरिंस इस मामाअर्थ कंपनी की शुरूआत में लगा दिया। वरूण और गजल को बेबी प्रोडक्‍ट्स (Baby Products) की क्‍वालिटी पर पहले से ही भरोसा नहीं था। जिसके चलते उन्‍होंने कई रिसर्च की और यह निष्‍कर्ष निकाला कि हर प्रोडक्‍ट में बच्‍चों के लिए हानिकारक पदार्थ मौजूद है। इसी वजह से उन्‍होंने इस बेबी प्रोडक्‍ट मामाअर्थ बिजनेस की शुरूआत की।

पच्‍चीस लाख रूपये से किया बिजनेस शुरू

पति पत्‍नी जोड़े ने अपने इस बिजनेस को अपने जीवन की जमा पूँजी 25 लाख रूपये के साथ में प्रारंभ किया। इस कंपनी को दोनों ने बहुत सी रिसर्च करने के बाद शुरू किया था। उनका सिर्फ एक ही उद्देश्‍य था कि वह बच्‍चों के लिए अच्‍छे ओर विश्‍वसनीय प्रोडक्‍ट बना सके। ताकि बच्‍चों का जीवन सुरक्षित रहे ओर उन्‍हें कोई भी नुकसान ना हो। इनकी कंपनी मामाअर्थ में बहुत सी लेब है। जहां पर हर उत्‍पाद पर बहुत से परीक्षण किये जाते है। उसके बाद ही उसे मार्केट में लॉन्‍च किया जाता है।

हर शहर में है कंपनी की पहचान

प्रारंभ की बात की जाये तो यह कंपनी सिर्फ ऑनलाइन ही अपने प्रोडक्‍ट को बेचा करती थी। इसने पहले ऑनलाइन ही अपनी पहचान बनाई थी। लेकिन आज इसकी पहचान ऑनलाइन के साथ साथ ऑफलाइन भी है।

आज यह कंपनी इतनी बड़ी हो चुकी है, कि 300 शहर के दस लाख लोग इसके प्रोडक्‍ट अपने बेबी के लिए ऑनलाइन खरीदते है। मामाअर्थ कंपनी की पहचान दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। इसके साथ ही आज यह कंपनी 100 करोड़ का रेवेन्‍यू पार करने वाली कंपनी की लिस्‍ट में भी शामिल हो चुकी है।

आज की बात की जाये तो मामाअर्थ कंपनी बच्‍चों के साथ साथ महिलाओं और पुरूषों के लिए भी बहुत से प्रोडक्‍ट लॉन्‍च कर चुकी है। इसके सभी नेचुरल प्रॉडक्‍ट की मॉंग मार्केट में बहुत ही अधिक है।

इसकी विश्‍वसनीयता इतनी अधिक हो चुकी है कि बच्‍चो के साथ साथ महिला और पुरूष के प्रोडक्‍ट का भी इस्‍तेमाल बहुत अधिक मात्रा में किया जाने लगा है। अब यह कंपनी पूरी फैमिली के लिए प्रोडक्‍ट को बनाती है। इस कंपनी के प्रोडक्‍ट की क्‍वालिटी ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है।

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