वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया वित्तीय वर्ष 2022-23 का आम बजट,जानिए क्या है इस बजट की अहम घोषणाएं |

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Budget 2022 :   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश कर दिया है। बजट में वित्त मंत्री ने आयकर से जुड़े प्रावधानों की घोषणा की है। सरकार ने टैक्स पेयर्स के लिए टैक्स से जुड़ी कोई रियायत नहीं दी है। बजट में वित्त मंत्री का पूरा फोकस डिजिटल इंडिया पर रहा। वित्त मंत्री ने बताया कि इस साल देश में 5जी लॉन्च हो जाएगा। इसके साथ ही रिजर्व बैंक डिजिटल करेंसी लॉन्च करगी। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र (Education Sector) में स्किल डिवेलपमेंट के लिए ‘डिजिटल देश ई-पोर्टल’ लॉन्‍च किया जाएगा। वित्‍त मंत्री ने ‘पीएम ई विद्या के ‘वन क्लास, वन टीवी चैनल’ की भी घोषणा की।

बजट में लंबी अवधि से होने वाले पूंजीगत लाभ (कैपिटल गैन) पर लगने वाले टैक्स में बड़ी राहत दी गई है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में ऐलान किया कि अब किसी भी कैपिटल गेन पर सरचार्ज 15% से अधिक नहीं देना होगा। गौरतलब है कि पहले ही लिस्टेड कंपनियों के शेयर से होने वाली कमाई पर लंबी अवधि के लिए कैपिटल गेन टैक्स पर अधिकतम 15% सरचार्ज लिया जाता है। अब बजट के इस फैसले से रियल एस्टेट, बांड, डिवेंचर आदि निवेशकों से भी एक सामान सरचार्ज लिया जाएगा। विशेषज्ञों का कनहा है कि वित्त मंत्री द्वारा उठाया गया यह एक बेहतर कदम है।  विनिवेश को लेकर बीते साल सरकार की नाकामी से बजट में सबक लिया गया है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से होने वाली आय के अनुमान में भारी कटौती करते हुए इसे 1.75 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 78,000 करोड़ रुपये कर दिया है।

बजट में बिटकॉइन के मुकाबले भारतीय डिजिटल करेंसी पर भी बड़ी घोषणा हुई। सीतारमण ने मंगलवार को आम बजट पेश करते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और प्रभावी नकदी प्रबंधन के लिए अप्रैल, 2022 से शुरू हो रहे अगले वित्त वर्ष में डिजिटल मुद्रा पेश कर सकता है। वित्त मंत्री ने इसे डिजिटल रुपी नाम दिया है।

बजट में क्या सस्ता

बजट में कई ऐसी घोषणाएं की गई हैं जिसका असर आपके द्वारा इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीजों पर पड़ेगा। कुछ चीजें सस्ती होंगी तो कुछ पर बोझ बढ़ेगा जिससे वो महंगी हो जाएंगी। आइए जानते हैं कि बजट के बाद कौन—कौन सी चीजें सस्ती होंगी और ​किसकी कीमत बढ़ेगी। बजट में चमड़ा, कपड़ा, खेती का सामान, पैकेजिंग के डिब्बे, पालिश्ड डायमंड, विदेशी छाता, मोबाइल फोन चार्जर और जेम्स एंड ज्वैलरी सस्ते होंगे। जेम्स एंड ज्वैलरी पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

क्या-क्या होगा महंगा

कैपिटल गुड्स पर आयात शुल्क में छूट को खत्म करते हुए 7.5 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया गया है। इसके चलते विदेशी छाते महंगे होंगे।

बजट से टैक्सपेयर को राहत की उम्मीद

  1. मार्च में खत्म होने जा रहे वित्त वर्ष में, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में 9.2 फीसदी की दर से विस्तार होने का अनुमान है. इससे पहले पिछले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी.
  2. उम्मीद है कि सीतारमण वृद्धि को समर्थन देने के साथ-साथ वित्तीय रूप से सावधान रहते हुए वृद्धि के एजेंडा को बढ़ावा देंगी और इसके लिए अधिक पूंजीगत व्यय की राह अपनाएंगी. इससे निवेश चक्र और रोजगार में तेजी आएगी. इसके साथ ही वित्त मंत्री वित्तीय संरक्षणवादी रुख अपनाएंगी.
  3. आधारभूत ढांचा क्षेत्र में सड़क, रेलवे और जल के लिए अधिक आवंटन हो सकता है. छोटे व्यवसायों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उपाय भी बजट का हिस्सा हो सकते हैं.
  4. इस तरह की उम्मीदें की जा रही हैं कि सरकार आयकर में छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ा सकती है. सरकार ने साल 2014 में इनकम टैक्स में छूट की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख कर दी गई थी. हालांकि इसके बाद से पिछले आठ सालों के दौरान फिर कभी टैक्सपेयर्स के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है.
  5. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करदाताओं को बड़ी राहत देने की घोषणा कर सकती हैं. इस राहत में मूल छूट सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख करना शामिल है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसे मौजूदा 3 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख करने की उम्मीद भी की जा रही है.
  6. वहीं, रेल बजट में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर देश के हर कोने को जोड़ने के लिए इस साल लंबी दूरी वाली सेमी-हाईस्पीड ट्रेनों ऐलान संभव है. इसके साथ-साथ भरतीय रेलवे के विद्युतीकरण पर जोर दिया जायेगा. साल 2017 में केंद्रीय बजट में रेल बजट के विलय के बाद से छठा संयुक्त बजट होगा.
  7. रेल बजट में नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत के अलावा, दोहरीकरण और नई लाइनें बिछाने की योजना का भी ऐलान किया जा सकता है. रेल बजट में एलएचबी कोचों को बढ़वा, पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं की शुरुआत आदि शामिल होने की संभावना है.
  8. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में पेश किये आर्थिक सर्वेक्षण में कहा कि ट्रांसपोर्ट को भविष्य के लिए तैयार रखने और रेलवे प्रणाली को राष्ट्रीय विकास के इंजन के रूप में उभरने में मदद करने वाली परियोजनाओं को शुरू किया जायेगा. इसके तहत अगले दशक में रेलवे में पूंजीगत व्यय का तेजी से विकास किया जायेगा.
  9. बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि चुनाव का लोकतंत्र में अपना स्थान है और वह प्रक्रिया चलती रहेगी, लेकिन पूरे वर्ष का खाका खींचने वाला, संसद का बजट सत्र बहुत महत्वपूर्ण है. बजट सत्र के पहले दिन संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों और राजनीतिक दलों से इस सत्र को फलदायी बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि, ‘हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस बजट सत्र को जितना ज्यादा फलदायी बनाएंगे, आने वाला पूरा वर्ष हमें नई आर्थिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भी एक बहुत बड़ा कारक बनेगा.’
  10. संसद के बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक प्रस्तावित है. इसके बाद विभिन्न विभागों के बजटीय आवंटन पर विचार के लिये अवकाश रहेगा. बजट सत्र का दूसरा चरण 14 मार्च से आरंभ होगा, जो आठ अप्रैल तक चलेगा.